मनासा। कचोली रोड़ पर आज सरकारी नाले का प्रशासन ने सीमांकन किया। जमीन सीमांकन में अतिक्रमण सिद्ध हुआ। वहीं भूमाफियाओं द्वारा नाले को मोड़कर लगभग 15 से 20 फीट जगह को अपने कब्जे में ले रखी थी। साथ ही इस मौके पर एक और नाला था जिसे पूर्ण रूप से गायब कर दिया गया।
ज्ञात हो कि कचोली रोड पर जिस सर्वे नंबर 181 का सीमांकन हुवा है आज वहां दो नाले थे। एक राजस्व रिकॉर्ड का एवं एक परिषद् के क्षेत्राधिकार का। जिस पर पीडब्ल्यूडी द्वारा पुलिया भी बनाई गई है। ज्ञात हो कि महेश्वरम कॉलोनी का विवादित नाला भी ठीक इसी प्रकार का है। क्योंकि वो नाला राजस्व रिकॉर्ड में नहीं है, लेकिन परिषद् के रिकॉर्ड में है। जहां वर्तमान में प्रकरण प्रचलित है। यहां कचोली रोड की जमीन पर हो रहा है। अब देखना यह है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद क्या पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद् अपने विलुप्त हुवे नाले को पुनः जीवित करने का प्रयास करेंगे अया नहीं। अगर पीडब्ल्यूडी का नाला बंद कर दिया जाता है तो अनेक खेतो में पानी भर जाएगा। किसानों की फसलें चौपट हो जाएगी। वहीं आज राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान कई प्रॉपर्टी के दलाल भी मौजूद थे।