उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्रति वर्ष श्रावण-भादो महिने में श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार समिति द्वारा 19 वें श्रावण महोत्सव का आयोजन 27 जुलाई से प्रारंभ होकर 31 अगस्त तक होगा। महोत्सव में राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच दिया गया है।
श्रावण-भादो मास में भगवान महाकाल को प्रसन्न करने के लिए नृत्य, संगीत, गायन, वादन के माध्यम से आराधना की जाती है। इस बार भी बाबा महाकाल की सवारी निकलने के पहले शनिवार को संगीतिक प्रस्तुतियां होगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक मृणाल मीना ने बताया कि वर्ष 2024 में होने वाले श्रावण महोत्सव में कुल 6 शनिवार को 18 प्रस्तुतियां होगी। श्रावण महोत्सव का आयोजन श्री महाकाल महालोक के पास स्थित त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय में प्रत्येक शनिवार सायं 7 बजे से होगा।
जाने किस दिन कौन सी प्रस्तुतियां होगी
27 जुलाई- रतन मोहन शर्मा मुंबई का शास्त्रीय गायन, गेबी साहब ताल वादन कचहरी उज्जैन द्वारा समूह तबला वादन व उज्जैन की ऐश्वर्या शर्मा के कथक नृत्य की प्रस्तुति।
3 अगस्त- राजीव शर्मा,मुकेश शर्मा, शैलेष शर्मा, मिथिलेश शर्मा (शर्मा बन्धु) उज्जैन का शास्त्रीय गायन, पुणे की नम्रता गायकवाड व प्रमोद गायकवाड का शहनाई वादन (जुगलबंदी) एवं पुणे की निकिता बणावलिकर के कथक नृत्य की प्रस्तुति।
10 अगस्त- सुचिता गांगुली कोलकाता का शास्त्रीय गायन, श्रीवल्ली हैदराबाद के समूह का मोहिनीअट्टम व उज्जैन की अनन्या गौर के कथक नृत्य की प्रस्तुति।
17 अगस्त- प्रसन्ना विश्वनाथन व सागर मोरानकर की धु्रपद जुगलबंदी, मनाब परई कोलकाता का कथक नृत्य व प्रतिकल्पा सांस्कृतिक संस्था, उज्जैन के द्वारा समूह कथक की प्रस्तुति।
24 अगस्त- सानिया पाटनकर, पुणे का शास्त्रीय गायन, कुमार ऋषितोष एवं सहयोगियों नई दिल्ली द्वारा पंच वाद्य कचहरी जिसमे तबला, पखावज, परकशन, सारंगी, बासुरी की प्रस्तुति व अंजना चौहान उज्जैन के कथक नृत्य होगा।
31 अगस्त- आनंद वैद्य अजमेर के शास्त्रीय गायन, इंदौर की संस्था मुद्रा कथक अकादमी के समूह कथक व मयूरी सक्सेना उज्जैन के कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी।