इंदौर। गणाचार्य विराग सागर महाराज के समाधि पर इंदौर में विनयांजलि सभा का आयोजन गुरुवार रात को किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और महाराजश्री को याद किया।
महाराष्ट्र जालना के पास गणाचार्य विराग सागर महाराज की संलेखना सहित समाधि हो गई थी। पुलक मंच परिवार के अध्यक्ष प्रदीप बड़जात्या एवं मीडिया प्रभारी वैभव कासलीवाल ने बताया कि दो पूर्व उनका अचानक जालना से औरंगाबाद की और विहार के दौरान स्वास्थ्य खराब हो गया था जिनका उनको समाधि का पूर्व आभास हो गया था इसलिए उन्होंने समाधि के पूर्व संघ संचालन संबंधित सारी व्यवस्था कर दी थी। वे अत्यंत वात्सल्य के धनी थे। आचार्य विशुद्ध सागर, आचार्य विहर्ष सागर ससंघ उनके 9 आचार्य शिष्य थे। जिनके माध्यम से भारत भर में महती धर्म प्रभावना हो रही है।
गणाचार्यश्री ससंघ 2013 में इंदौर में 66 पिच्छी के साथ पुलकमंच के तत्वावधान में दलालबाग और छत्रपति नगर इंदौर में महती धर्म प्रभावना के साथ चातुर्मास हुआ था। उनके इंदौर में हजारों भक्त है। इस विनयांजलि सभा में कई जैन समाज की संस्थाओं ने अपनी-अपनी विनयांजलि गणाचार्यश्री के चरणों में रखी। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी एवं पूर्व पार्षद दीपक जैन टीनू ने भी अपनी विनयांजलि समर्पित की।
सभा में समाज के डी.के जैन, टीके वेद, कैलाश वेद, अनिल जैन, सुदीप जैन, तल्लीन बड़जात्या, जैनेश झांझरी, राहुल जैन, विहर्ष कमल रावका, इंद्र कुमार सेठी, शिरीष जैन, वीरेंद्र बड़जात्या, महेंद्र निगोत्या, सुरेश सेठी, कमल काला, कैलाश पाटनी, विकास जैन सहित कई समाजजन उपस्थित थे। सभा का संचालन कैलाश लुहाड़िया ने किया आभार अनामिका मनोज बाकलीवाल ने माना।