नीमच। चातुर्मास मे जीव दया बिना आत्मा का कल्याण नहीं होता है। हमारे द्वारा 10 मिनट के त्याग से हजारों प्राणियों की जीवन की रक्षा हो सकती है। जीवो की रक्षा के लिए किए गए त्याग से पुण्य बढ़ता है।
यह बात आचार्य जिन सुंदर सुरी श्री जी महाराज ने कहीं। वे जैन श्वेतांबर श्री भीड़ भंजन पार्श्वनाथ मंदिर श्री संघ ट्रस्ट पुस्तक बाजार के तत्वावधान में पुस्तक बाजार स्थित नवीन आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक जीव दया के लिए प्रयास करना चाहिए ताकि जीवों की रक्षा हो सके। उपवास की तपस्या से कैंसर जैसे रोग भी ठीक हो सकते हैं। रात्रि भोज व होटल में भोजन करने का त्याग करना चाहिए। सम्पत्ति का मोह पाप कर्म बढ़ाता है इसलिए संपत्ति में से कुछ अंशदान करते रहना चाहिए। धीरू भाई अंबानी करोड़ की संपत्ति यही छोड़ कर गए।
पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरिजी मसा, धर्म बोधी सुरी श्रीजी महाराज आदि ठाणा 8 का सानिध्य मिला। आचार्य भगवंत के प्रवचन एवं धर्मसभा हुई। श्री संघ अध्यक्ष अनिल नागौरी सचिव मनीष कोठारी ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे प्रवचन करने के व साध्वी वृंद के दर्शन वंदन का लाभ नीमच नगर वासियों को मिला प्रवचन का धर्म लाभ लिया।