भोपाल। मध्य प्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत के लिए राहत भरी खबर है। उनकी सदस्य्ता समाप्त करने वाली याचिका को विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया है। उमंग सिंघार ने उनकी सदस्यता शून्य करने के लिए अर्जी लगाई थी। लेकिन वि.स. अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे निरस्त कर दिया।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दल बदल कानून के तहत याचिका लगाकर उनकी सदस्यता शून्य करने की मांग की थी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष अर्जी निरस्त करते हुए कहा कि रामनिवास रावत ने 8 जुलाई को विधानसभा पद से खुद ही त्यागपत्र दिया था। इसलिए प्रकरण को समाप्त कर अर्जी को खारिज किया जाता है।
गौरतलब है कि उमंग सिंघार ने कांग्रेस के बागी रामनिवास रावत और निर्मला सप्रे के खिलाफ याचिका लगाई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने निर्मला सप्रे पर फिलहाल फैसला नहीं लिया है। रामनिवास रावत के लिए यह फैसला राहत देने वाला है क्योंकि अगर उमंग सिंघार की याचिका स्वीकार हो जाती तो रावत दल बदल कानून के तहत 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर अयोग्य घोषित हो सकते थे।
श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से 6 बार के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रैल में बीजेपी जॉइन कर ली थी। हाल ही में रावत ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके चलते विजयपुर सीट रिक्त घोषित हो चुकी है। विजयपुर के उपचुनाव में बीजेपी से रामनिवास रावत का उम्मीदवार बनना तय माना जा रहा है। रावत के सामने कांग्रेस आदिवासी उम्मीदवार को उतार सकती है।