भोपाल। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें हाल ही में मंत्री बने पूर्व कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने फैसले में लिखा है कि रामनिवास रावत अब विधानसभा के सदस्य नहीं हैं, वे 8 जुलाई को सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, जो स्वीकार भी हो चुका है। इस कारण याचिका में वांछित निराकरण का औचित्य ही समाप्त हो गया है। इसलिए इस प्रकरण को समाप्त कर अर्जी खारिज की जाती है। लेकिन बीना विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दायर अर्जी पर कोई निर्णय नहीं हो सका है, वह अभी भी लंबित है।
गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 5 जुलाई को मप्र विधानसभा सदस्य (दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता) नियम 1986 के तहत रामनिवास रावत और बीना विधायक निर्मला सप्रे को को अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिकाएं दायर की थी। इसके तीन दिन बाद 8 जुलाई की सुबह रामनिवास रावत ने मंत्री पद की शपथ ली और उसी दिन दोपहर में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
रावत के दफ्तर का काम संभालेंगे एसीएफ राजेश शर्मा
राज्य शासन ने सीहोर में पदस्थ एसीएफ राजेश शर्मा को वन मंत्री रामनिवास रावत का विशेष सहायक नियुक्त किया है। वन विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एसीएफ राजेश शर्मा को उप वन मंडल अधिकारी (उत्पादन) सीहोर के साथ-साथ आगामी आदेश तक वन मंत्री के कार्यालय का अतिरिक्त कार्य आवंटित किया गया है।