कटनी। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों निराकरण में लापरवाही बरतने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नॉन अटेंडेंट विभागों के अधिकारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। जिन विभागों के अधिकारियों के वेतन काटे जाने के लिए कहा गया है उनमें उर्जा, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वन, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास विभाग, गृह और पीएचई विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों से जब पूंछा कि हाल ही में जलप्लावन से नगर निगम क्षेत्र के कितने मकान क्षतिग्रस्त हुए है, नगर निगम ने कोई सर्वे किया है। इस पर नगर निगम के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। जिस पर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को क्षतिपूर्ति दिलाने का प्रकरण तैयार करें।
कलेक्टर ने कृषि, मध्यप्रदेश विपणन संघ और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की लगातार मॉनिटरिंग करें। उर्वरक विक्रय केन्द्रों में स्कंध खत्म होने के पहले ही वहां स्टाक भंडारण कराएं।
कलेक्टर ने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को सेवानिवृत्त शासकीय कर्मियों के पेंशन प्रकरणों को पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण कराने की नसीहत दी। कलेक्टर ने कहा कि जिस विभाग के कर्मी का पेंशन प्रकरण नहीं बनने की वजह से पेंशन नहीं मिलती है, तो उस विभाग के अधिकारी का वेतन काटा जाए।