नीमच। मंगलवार को संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी जिले के विभिन्न स्थानों से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि नायब तहसीलदार जागृति जाट को सौंपा।
महंगाई राहत में वृद्धि की मांग
संघ ने ज्ञापन में मांग की है कि सभी विभागों के पेंशनरों को महंगाई राहत में वृद्धि की जाए। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार, राज्य पुनर्गठन आयोग 2000 की धारा 49/6 का हवाला देकर पेंशनरों को महंगाई राहत देने में असमर्थता जता रही है।
केंद्र की सहमति की आवश्यकता नहीं
पेंशनरों ने तर्क दिया कि इस मामले में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति की आवश्यकता नहीं बताई है। मध्य प्रदेश सरकार अपने स्तर पर ही राहत प्रदान कर सकती है, लेकिन शासन द्वारा निर्णय में देरी के कारण पेंशनरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार शासन और प्रशासन को सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अवगत कराया, मगर अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
पूर्व में भी कई बार हो चुकी है शिकायत
पेंशनरों ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में इंदौर उच्च न्यायालय में एक मामला चल रहा था, जिसमें न्यायालय ने पेंशनरों के हक में फैसला सुनाया था। इसके बावजूद, पेंशनरों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि शासन ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया, तो वे जल्द ही न्यायालय की अवमानना का केस दायर करेंगे और आगे की कड़ी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।