मंदसौर। कलेक्टर अदिति गर्ग ने गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा आमजन को योजनाओं का समय पर लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वीबीजी रामजी योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं 15वें वित्त आयोग के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित सामुदायिक शौचालयों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने तथा उनकी नियमित देखभाल के लिए जिम्मेदार कार्मिक नियुक्त करने के निर्देश दिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए पंचायतों में कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं संबंधित कार्मिकों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने पेयजल योजनाओं में उपयोग की जाने वाली पाइपलाइन एवं अन्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
वीबीजी रामजी योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 3 लाख 70 हजार 314 श्रमिकों में से अब तक 14 हजार 471 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है तथा शेष का कार्य जारी है। कलेक्टर ने पात्र श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत अपूर्ण 352 आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधित हितग्राहियों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं, 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने एवं शत-प्रतिशत कर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी पाइप लाइनों की मरम्मत एवं नालियों की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।