मुरैना। एक समय अवैध रेत उत्खनन और रेत माफिया के लिए बदनाम रही चंबल नदी को लेकर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) ने दावा किया है कि मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह बंद हो चुका है। समिति ने इस उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई को देते हुए सभी अधिकारियों की सराहना की है।
देवरी घड़ियाल केंद्र पर आयोजित केंद्रीय सशक्त समिति की समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासनिक, पुलिस तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए किए गए प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए समिति के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने बताया कि मई माह की पिछली समीक्षा के दौरान हालात चिंताजनक थे, लेकिन अब मुरैना में अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की लगातार संयुक्त कार्रवाई, सख्त निगरानी और अभियान के कारण यह सफलता मिली है।
गोयल ने कहा कि अवैध खनन बंद होने से चंबल नदी का प्राकृतिक स्वरूप लौटता दिखाई दे रहा है। इससे नदी के पर्यावरण, प्राकृतिक प्रवाह और वन्यजीव संरक्षण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुरैना प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम को बधाई दी।
समीक्षा बैठक में चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार, मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, मुरैना एवं धौलपुर के वन अधिकारी, धौलपुर कलेक्टर निधि बीटी, धौलपुर एसपी विकास सांगवान सहित दोनों राज्यों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में भविष्य में भी संयुक्त अभियान जारी रखते हुए चंबल नदी को अवैध रेत खनन से पूरी तरह मुक्त बनाए रखने पर जोर दिया गया। केंद्रीय सशक्त समिति के इस दावे के बाद मुरैना प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब इस उपलब्धि को लंबे समय तक बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।