नीमच। शहर की कृषि उपज मंडी में सफेद चांदी यानी लहसुन के भाव लगभग पिछले एक डेढ़ महीने से स्थिर बने हुए हैं। कभी हजार, दो हज़ार ज्यादा तो कभी हजार दो कम। किसानों ने वॉइस आफ एमपी की टीम को बताया कि यदि इस बार चोरी छुपे चाईना की लहसुन भारत नहीं आई होती तो लहसुन के भाव में 5 से 7000 रुपए की तेजी और दिखाई देती। किसानों को बहुत बेहतर भाव मिलते।
किसानों का मानना है की चाईना कि लहसुन लगातार अभी भी चोरी छिपे हिंदुस्तान आ रही है। किसानों ने कहा की चाईना के माल के हिंदुस्तान आने पर रोक लगनी चाहिए। एक युवा किसान ने तो यहां तक कहा की चाईना के लहसुन को रोकने के लिए हमें सोशल मीडिया पर चाईना गार्लिक बेंड अभियान शुरू करना चाहिए। आज नीमच मंडी में करीब दस हजार बोरी लहसुन की आवक का अंदाजा लगाया जा रहा है। आज लहसुन का भाव दस हजार रुपए से लेकर 28 से 30 हजार तक रहा। गिने चुने बहुत बेहतर क्वालिटी का मूल्य चुनिंदा किसानों को 35000 भी मिला है। वही बहुत खराब माल का भाव 3500 भी रहा। किसानों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मीडियम माल के लहसुन की कली का भाव 18000 से 19800 मिला है।
लहसुन किसानों ने कहा कि पानी गिरने से कुछ लहसुन खराब भी हुआ है। यह भी बताया गया कि नीमच जिले के किसानों के पास अभी भी 30 से 35 प्रतिशत लहसुन पड़ा हुआ है।