भोपाल। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर ईवीएम का राग छेड़ दिया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद ने एक्स पर ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने पोस्ट करते हुए लिखा कि “महाराष्ट्र के चुनाव में वही हुआ जो भाजपा चाहती थी। उन्होंने 148 उम्मीदवार खड़े किए जिनमें से 132 जीत गये। स्ट्राइक रेट 89 प्रतिशत। वे यदि चाहेंगे तो शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार ) के बिना भी सरकार बना सकते हैं।
दिग्विजय ने कहा यह चुनाव भाजपा ने पूरा ईवीएम के माध्यम से टारगेटेड पोलिंग बूथ्स पर मैनीपुलेट कर जीत हासिल की है। लोग कहेंगे फिर झारखंड वे कैसे हार गये? आप ही सोचिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह के लिए क्या झारखंड से महाराष्ट्र अधिक महत्वपूर्ण नहीं है? इंडिया गठबंधन को चुनाव आयोग के व्यवहार पर और ईवीएम द्वारा चुनाव कराये जाने के विषय पर तत्काल चर्चा करना चाहिए।
सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा हुआ है? क्या वाकई ईवीएम के सहारे इतनी बड़ी जीत हासिल की जा सकती है? या फिर कांग्रेस नेताओं ने चुनावी हार का ऐसा मजबूत बहाना ढूंढ लिया है जो हर चुनावी हार के बाद वो दोहरा देते हैं ताकि पार्टी आलाकमान, उनसे सवाल न पूछे।