खंडवा। दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। खंडवा पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कांग्रेस और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि दतिया में बीजेपी प्रचंड मतों से जीत दर्ज करेगी और कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है। वहीं उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के झुकने की खबरों को लेकर भी बड़ा दियान हैं।
खंडवा दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि- कमल हमेशा खिलता रहा है और अब दतिया में भी कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है, इसलिए लोग उसी दल के साथ जाते हैं, जहां उन्हें भविष्य दिखाई देता है। मंत्री ने कहा कि भाजपा की जनहितकारी योजनाओं के दम पर पार्टी दतिया उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करेगी। राजनीति
नरोत्तम मिश्रा को बताया अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर लोधी ने कहा कि वे पार्टी के अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता हैं। पार्टी जो भी निर्णय लेती है, उसे वे पूरी निष्ठा से स्वीकार करते हैं और इस बार भी उन्होंने संगठन के फैसले का सम्मान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए मंत्री लोधी ने कहा कि जो नेता खुद 30 से 35 हजार वोटों से चुनाव हार चुका हो, उसका राजनीतिक भविष्य क्या होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता के नेतृत्व में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ सकती।
आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा नहीं झुकी- मंत्री धर्मेंद्र सिंह
वहीं ओंकारेश्वर में स्थापित आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के झुकने की खबरों को लेकर धर्म, संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के झुकने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और इसे लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा का निर्माण देश की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी एलएंडटी ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया है।
सभी सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप तैयार
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि ओंकारेश्वर में स्थापित आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का निर्माण उसी कंपनी एलएंडटी ने किया है, जिसने विश्व की सबसे ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग मानकों और सभी सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही प्रेस ब्रीफ के माध्यम से बताया जा चुका है कि प्रतिमा को 170 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार की हवाओं को सहने के हिसाब से डिजाइन किया गया है।
कंपनी के पास अभी भी पूरी जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि साथ ही भूकंप सुरक्षा के सभी मानकों का भी निर्माण के दौरान पालन किया गया है। क्षेत्र में औसतन 140 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की संभावना के बावजूद प्रतिमा का परीक्षण 179 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के दबाव को ध्यान में रखकर किया गया। आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास के तकनीकी मानकों के अनुसार प्रतिमा लगभग 500 वर्षों तक सुरक्षित रहने में सक्षम है। साथ ही अभी प्रतिमा का अंतिम हैंडओवर एलएंडटी से नहीं हुआ है और वर्तमान में निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण एवं रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी कंपनी के पास ही है।