भोपाल। मध्यप्रदेश में धर्म पथ पर डॉ मोहन सरकार का बड़ा निर्णय सामने आया है। श्रीकृष्ण पाथेय के बाद अब राज्य सरकार की एक और प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनेंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 2875 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। प्रदेश में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के सुलभ अध्ययन गीता भवन में विकसित होंगे। मामले को लेकर बीजेपी -कांग्रेस में आमने सामने है।
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा किदृ कोई भी अपने धर्म का प्रचार प्रसार कर सकता है, सभी को अधिकार है, लेकिन आपत्ति इस बात कि जब आप दूसरे को खत्म कर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हो, यह धर्म का रास्ता नहीं है. धर्म का रास्ता प्रेम का होता है. सद्भावना का होता है.सब अपने धर्म का प्रचार प्रसार करें लेकिन किसी को जूते चप्पल ना मारे, टारगेट न करें. भाजपा अपना चुनावी एजेंडा सेट कर रही है. संविधान में सबके लिए जगह है.पहले सेकुलर शब्द हटाने की कोशिश की, सुप्रीम कोर्ट ने रोका, यह मुसलमानों का भी देश है। ईसाइयों, सिखो का भी है. बीजेपी संविधान खत्म करना चाहती है. हम इसे होने नहीं देंगे। संविधान की रक्षा अंतिम दम तक करेंगे।
मामले में बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा किदृ गीता का ज्ञान लाइफ मैनेजमेंट के तौर पर केवल भारत में नहीं पूरे विश्व में अपनाया गया. मुस्लिम देशों ने भी इसे अपनाया है.अपने जीवन में उतरा भी है। कांग्रेस सदैव धर्म के खिलाफ रही है। सनातन के खिलाफ रही है। यह सिर्फ डिवाडेड एंड रूल्स पॉलिसी पर चलती है। उनकी विचारधारा भी खुद की नहीं। मौसम देखकर यह अपने बयान जारी करते हैं।