रतलाम। किसानों ने बिजली कंपनी के खिलाफ बिलपांक में प्रदर्शन किया। थाना परिसर में धरना देकर नारेबाजी की। किसान खेतों में झूलते तारों से हो हादसों को लेकर बिजली कंपनी के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे थे। किसानों ने पिछले दिनों खेत में करंट से एक किसान की मौत होने पर बिजली कंपनी के कर्मचारियों को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए रतलाम सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, ग्रामीण तहसीलदार, बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान समेत पुलिस बल मौजूद रहा। किसानों ने बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का ज्ञापन पुलिस अधिकारियों को सौपा। मौके पर ही किसानों ने बिजली कंपनी के ईई को भी बुलाया। उनसे भी समस्याओं के निराकरण समेत किसान की मौत पर परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग। ईई से लिखित में लिया। उसके बाद किसान माने और धरना समाप्त किया।
बता दे कि 4 दिसंबर की शाम गांव दंडोतिया में खेत में मटर भरते समय किसान कुंदन पाटीदार की करंट लगने से मौत हो गई थी। खेत से 11केवी की लाइन के तार मात्र 10 से 12 फीट नीचे लटक रहे थे। मृतक किसान कुंदन का एक 3 साल का बेटा और एक 6 साल की बेटी है। पिता की पहले ही सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी हैं। कुंदन पाटीदार के घर में आज कोई भी पुरुष कमाने वाला नहीं है। किसानों का कहना था कि विद्युत वितरण कंपनी बिलपांक केंद्र के कर्मचारियों की लापरवाही से यह घटना घटी है।
लाइनमैन नारायण सिंह को उस जगह के आसपास के किसानों ने कई बार अवगत करवाया गया। लेकिन ध्यान नहीं दिया। झूलते हुए तार गांव दंतोडिया, बदनारा, मिलखेड़ी, सरवड़ जमुनिया, प्रीतमनगर, रेन मऊ, अंबोदिया चिकलिया, बिलपांक आसपास के कई गांवो में देखे जा सकते है।