भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हार के बाद बहुजन समाज पार्टी अपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने की कोशिशों में जुट गई है। अब बसपा प्रदेश भर में अलग-अलग जातियों को जोड़ने के लिए सामाजिक सम्मेलन कराएगी।
बीएसपी ने तय किया है कि पार्टी में जिस समाज के जो पदाधिकारी हैं। पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हारे हुए प्रत्याशी अपनी-अपनी समाज के सामाजिक सम्मेलन कराएंगे। हालांकि ये सम्मेलन समाजों में जन्मे महापुरुषों संतों के नाम पर कराए जाएंगे।
रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, देवी अहिल्या बाई होल्कर, संत गाडगे जी महाराज, नामदेव जी महाराज, संत रविदास, ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों के नाम पर यह आयोजन होंगे।
सुपर-30 की थीम पर विधानसभाओं में होगी बैठकें
बसपा अब उन सीटों पर फोकस कर रही है जहां उसका वोट बैंक निर्णायक रहा है। सुपर-30 के फॉर्मूला पर बीएसपी जनवरी से मजबूत जनाधार वाली 30 विधानसभाओं में संगठन को मजबूत करेगी।
इन 30 विधानसभाओं में बूथ वार कमेटियों के गठन के साथ ही कमजोर बूथों पर वोट बैंक बढ़ाने के लिए प्रदेश, सेक्टर, जोन के इंचार्ज बैठकें करेंगे। करीब 3 महीने बाद अगले फेज में सुपर-30 के तहत 30 अन्य विधानसभाओं में काम शुरू किया जाएगा।