सीधी। जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत खंतरा में बैगा जनजाति परिवारों के आवास योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले सचिव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश मुख्य कार्यपालन जिला पंचायत सीधी की ओर से सोमवार के दिन जारी किया गया है।
आदेश में यह कहा गया है कि कलेक्टर जनसुनवाई से प्राप्त आवेदन में ग्राम पंचायत खंतरा निवासी तेरसिया बैगा, रामावतार बैगा, लीलावती बैगा, सुरेंद्र बैगा एवं समस्त बैगा परिवार को जनमन योजना के तहत आवास की राशि 2 लाख रुपए प्राप्त होती है।
लेकिन सरपंच लल्लू लाल बैस की ओर से आवास योजना के तहत हर आवासधारी से 10 हजार से 30 हजार रुपए तक वसूली किए जा रहे थे। साथ ही बैगा परिवार को आवास योजना में मिलने वाली मजदूरी की राशि भी हितग्राही के खाते में डालकर यह कहकर सरपंच की ओर निकलवा ली गई कि मेरे निर्माण कार्य की मजदूरी है।
इनका नहीं हुआ भुगतान
शिकायत की जांच मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली जिला सीधी के द्वारा कराई गई, जिनके द्वारा जांच प्रतिवेदन दिया गया। इसके अनुसार रीता बैगा, रामकृष्ण बैगा, दुर्गा बैगा, वीरेंद्र बैगा, तेरसिया बैगा, चौती बैगा, मानवती बैगा,चंदू बैगा आवास हितग्राहियों को उनके जन मन आवास निर्माण के अनुरूप मजदूरी का भुगतान होना नहीं पाया गया। जिसके लिए प्रथम दृष्टया विजय बहादुर सिंह सचिव ग्राम पंचायत खंतरा दोषी पाए गए हैं। इसके बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
सरपंच को जारी की गई है नोटिस
जांच अधिकारी ने बताया है कि जांच प्रतिवेदन में सरपंच पद के दुरुपयोग किए जाने पर धारा 40 के तहत नोटिस जारी किया है। वहीं शिकायतकर्ता राम विशाल बैग ने बताया कि हम लोगों की शिकायत पर जांच की गई है। जिसमें सचिव को निलंबित किया गया है जबकि आवास योजना के नाम पर सरपंच रिश्वत ली है। उसके ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच अधिकारी खंड पंचायत सीधी रोशन लाल गुप्ता ने बताया कि जांच टीम की ओर से प्रतिवेदन दिया गया है। उसी के तहत सचिव को निलंबित किया गया है। जबकि सरपंच को भी धारा 40 की नोटिस दी गई है।