ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इन दिनों शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान छेड़ा गया है। इसी कड़ी में कार्रवाई की जद में आए तीन परिवारों ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के सरकारी बंगले के बाहर धरना दिया। रोते बिलखते मासूम बच्चों को देख कलेक्टर ने अपनी गाड़ी रोक कर उनकी परेशानी को सुना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
दरअसल, शहर के गिरवाई क्षेत्र में सर्वे क्रमांक 1453 की शासकीय भूमि पर तीन परिवारों द्वारा अपने घर बीते कई साल पहले बनाए थे। उन्हें यह सरकारी जमीन नोटरी के माध्यम से भू माफियाओं ने उन्हें बेची थी। शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के दौरान जांच की गई तो अलग-अलग क्षेत्र की तरह शहर के गिरवाई स्थित गोकुलपुर में रहने वाले महेंद्र प्रजापति,दीना बघेल,जूली पाठक के नाम से शासकीय भूमि पर कब्जा होना पाया गया।
नायब तहसीलदार ने कलेक्टर के निर्देश पर तीनों परिवारों को शासकीय भूमि से बेदखली के आदेश दिए। ऐसे में भू माफियाओं का शिकार बने इन परिवारों ने पहले प्लॉट खरीदने में जीवन भर की जमा पूंजी खर्च की और उसके बाद घर को बनाने में लगी रकम के बाद जब मकान टूटने का नोटिस मिला तो पूरी तरह से टूट गए। ऐसे में कड़ाके की सर्दी के बीच कुछ दिनों की मोहलत मिलने की गुहार लेकर गांधी रोड स्थित कलेक्टर बंगले के बाहर पहुंचा।
रोते बिलखते मासूम बच्चों और महिलाओं को देख कलेक्टर रुचिका चौहान ने अपना काफिला रोक कर उनकी परेशानी को सुना। कलेक्टर का कहना है कि आदेश न्यायालय के निर्देश पर जारी हुआ है। ऐसे में विधिक सलाह लेकर जो भी मदद परिवारों की होगी वह की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवारों का कहना है कि प्रशासन भू माफियाओं के साथ मिला हुआ है। उनके मकान मुख्य रोड पर बने हुए हैं। ऐसे में भू माफिया उनके मकानों को तुड़वाकर खुद की जमीन को फ्रंट पर लेकर आना चाहता है, जिसके लिए प्रशासन की मदद से वह जबरन यह कार्रवाई करवा रहा है। फिलहाल कलेक्टर से मिले मदद के आश्वासन के बाद परिवार से थोड़ी राहत की सांस ली है।