देवास। सिविल अस्पताल सोनकच्छ स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ने गंभीर कुपोषण से पीड़ित एक बालिका को उपचार और संतुलित पोषण देकर स्वस्थ जीवन की नई राह दिखाई है।
ग्राम सुरजना निवासी संदीप एवं मधु की पुत्री तृषा जन्म से ही शारीरिक रूप से कमजोर थी। गंभीर कुपोषण की स्थिति को देखते हुए परिजनों ने 11 अप्रैल 2026 को उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। भर्ती के समय तृषा का वजन 4.5 किलोग्राम तथा मध्य ऊपरी बांह की परिधि 8.5 सेंटीमीटर थी, जो गंभीर कुपोषण का संकेत था।
एनआरसी की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने 14 दिनों तक बालिका की लगातार निगरानी करते हुए संतुलित आहार, आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया। उपचार के बाद तृषा का वजन बढ़कर 5.3 किलोग्राम हो गया और उसकी स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। अब वह पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय और स्वस्थ है।
डिस्चार्ज के समय चिकित्सकीय दल ने परिजनों को संतुलित आहार, नियमित स्तनपान, समय पर पूरक आहार एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक सलाह दी। साथ ही शासन की योजना के अंतर्गत परिवार को 1,680 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
परिजनों ने सिविल अस्पताल सोनकच्छ के चिकित्सकीय दल और निरूशुल्क उपचार की व्यवस्था के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।