भोपाल। मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय सेवा (आईएएस, आईपीएस, आईएफएस) के अधिकारियों को जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने के बाद अब प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स भी इसी तिथि से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द घोषणा करने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार राहत दे नहीं रही।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने एक करोड़ से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दे चुकी है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में कार्यरत करीब 850 अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को भी केंद्रीय दर से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है। ऐसे में प्रदेश के अन्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी समान लाभ मिलना चाहिए।
12 लाख से अधिक कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
कर्मचारी संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 7.50 लाख कार्यरत कर्मचारियों और 4.50 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान में कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। संगठन ने इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की है।
बढ़ती महंगाई का दिया हवाला
उमाशंकर तिवारी ने कहा कि महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना होता है। उन्होंने बताया कि मार्च से जून के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 89 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मई महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई, जबकि खाद्य पदार्थ भी लगातार महंगे हुए हैं। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग
कर्मचारी संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की तरह प्रदेश के सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने के आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।