सीधी। जिले में प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल के गुरुवार-शुक्रवार के प्रस्तावित दौरे से पहले व्हाट्सएप चौट वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल चौट में मझौली जनपद पंचायत के एक सब इंजीनियर पर ग्राम रोजगार सहायकों से ₹3-3 हजार मांगने का आरोप लगाया गया है।
दावा किया गया कि राशि मंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं के लिए मांगी गई थी। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर विकास मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि अधिकारियों और प्रभारी मंत्री ने आरोपों से इनकार किया है।
वायरल चौट में ₹3 हजार जमा कराने की बात
सोशल मीडिया पर वायरल व्हाट्सएप चौट के मुताबिक, मझौली जनपद पंचायत के एक सब इंजीनियर ने ग्राम रोजगार सहायकों से ₹3 हजार जमा करने को कहा। आरोप है कि एसडीओ सरिता सिंह ने भी यह राशि तत्काल जमा कराने के निर्देश दिए थे। दावा किया गया कि यह रकम प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल के दो दिवसीय दौरे की व्यवस्थाओं के लिए मांगी गई थी।
जानकारी के अनुसार, प्रभारी मंत्री गुरुवार रात से शुक्रवार तक मझौली जनपद के परसिली रिसॉर्ट में ठहरने वाले थे। आरोप है कि परसिली, चमराडोल, नौढ़िया, कर्माई समेत 10 ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों से ₹3-3 हजार की मांग की गई।
एसडीओ बोलीं- ऑडिट कार्य के लिए मांगी गई थी राशि
शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री के दौरे की तैयारियों के नाम पर कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बनाया गया। हालांकि संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
एसडीओ सरिता सिंह ने कहा कि किसी कर्मचारी से अवैध वसूली या रिश्वत नहीं मांगी गई। उनके मुताबिक जनपद का ऑडिट कार्य लंबित है और जिले की रैंकिंग 52वें स्थान पर होने के कारण कंसल्टेंसी एजेंसी के माध्यम से लंबित कार्य पूरे कराने की योजना थी। इसी उद्देश्य से ₹3 हजार की राशि मांगी गई थी।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
सब इंजीनियर ने भी यही तर्क दिया, लेकिन जब उनसे संबंधित कंसल्टेंसी एजेंसी का नाम पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि अभी तक किसी एजेंसी का चयन नहीं हुआ है। ऐसे में एजेंसी तय होने से पहले ही राशि मांगने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर विकास मिश्रा ने जांच के निर्देश दिए हैं। जिला जनसंपर्क कार्यालय ने कलेक्टर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर जारी सूचना में स्पष्ट किया कि प्रभारी मंत्री के दौरे का पूरा खर्च जिला सत्कार मद से नियमानुसार किया जाएगा। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी से किसी प्रकार की राशि नहीं मांगी जा रही है।
प्रभारी मंत्री बोले- कांग्रेस की साजिश
प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ष्यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। मेरी व्यवस्था के लिए किसी भी कर्मचारी से पैसे नहीं मांगे गए हैं। राज्यपाल के दौरे के समय भी किसी से कोई राशि नहीं ली गई थी और इस बार भी ऐसी कोई मांग नहीं की गई है।ष्