चित्तौड़गढ़। राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग बालिका के साथ हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर संत समाज ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। मैसूर पारस वाटिका में आयोजित सभा में क्रांतिकारी राष्ट्र संत राष्ट्रीय सर्वधर्म संसद के अध्यक्ष कमल मुनि कमलेश सहित विभिन्न धर्मों के संतों और धर्मगुरुओं ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।
कमल मुनि कमलेश ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि यदि 1 अगस्त तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो संत समाज देशव्यापी अहिंसक आंदोलन करेगा। उन्होंने समाज में बढ़ती अश्लीलता, महिलाओं के प्रति अपराधों और नैतिक मूल्यों के ह्रास पर भी चिंता व्यक्त की।
सभा में महंत सेवा दास ने केंद्र सरकार से मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की, जबकि ग्रंथी राजपाल सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। मौलाना अखलाक अहमद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और ऐसे मामलों में कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। वहीं फादर रेवरेंट पैट्रिक ने पारिवारिक और शैक्षणिक स्तर पर संस्कार आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। बौद्ध धर्मगुरु लामा लॉन्ग जंग ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
बैठक में यह भी घोषणा की गई कि राष्ट्रीय सर्वधर्म संसद का प्रतिनिधिमंडल अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के नेतृत्व में राजस्थान के मुख्यमंत्री से मिलकर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग करेगा।
कार्यक्रम में प्रकाश पीतलिया, भेरूलाल कोठारी, कन्हैयालाल गन्ना, धनराज जैन सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मगुरु उपस्थित रहे।