इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को गुरुवार को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
वहीं पुलिस ने अब तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि नाना पटवारी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पता चला है कि खुशी कूलवाल खुदकुशी मामले में नाना पटवारी को हिरासत में लिया है। यह सुसाइड 8 साल पहले हुई थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि सरकार ने इसी का दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है।
विवेक तन्खा ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
मामले को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि इंदौर पुलिस ने नाना पटवारी को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लिया। इतना ही नहीं, परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया है।
तन्खा ने पुलिस से कानून सम्मत प्रक्रिया अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती है और ऐसी परंपरा से बचा जाना चाहिए।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
नाना पटवारी का नाम पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा जमीन विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में भी उनका नाम सामने आया था। हालांकि इस बार की गिरफ्तारी किस प्रकरण में हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
विधानसभा चुनाव के दौरान भी हुई थी कार्रवाई
यह पहला अवसर नहीं है जब नाना पटवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया हो। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उन पर करीब सात वर्ष पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने का आरोप लगाया गया था।
जमीन विवाद का मामला भी दर्ज
पिछले वर्ष इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में भी नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर धमकी दी गई।
पुलिस की चुप्पी, कांग्रेस का हमला
फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। वहीं कांग्रेस लगातार इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाना पटवारी की गिरफ्तारी आखिर किस प्रकरण में की गई है।
10 केस दर्ज है नाना पर
गौरतलब है कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। उन पर अभी तक नौ केस थे, लेकिन तेजाजी नगर के हाल के जमीन धोखाधड़ी को जोड़कर 10 केस हो गए हैं। नवंबर 2018 में एक केस उन पर महिला संबंधी अपराध में धारा 354 (क) में भी हुआ है। महिला ने नाना पर आरोप लगाए हैं कि नाना के साथ क्रुणाल पटवारी, चेतन, सुदील चौधरी, चेतन पटवारी, गब्बू पटवारी व अन्य 40-50 कार, बाइक से मेरे घर के अंदर घुस आए। नाना के हाथ में पिस्टल थी, बाकी के हाथ में चाकू और तलवार थी। नाना पटवारी ने मेरा हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था।