प्रतापगढ़। पर्यावरण संरक्षण, पोषण सुरक्षा और महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजीवनी सेवा संस्थान ने जिले में एक सज्जन एक सहजन (मोरिंगा) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 15 जुलाई से पूरे प्रतापगढ़ जिले में जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा।
अभियान की तैयारी के तहत पंचायत समितियों छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, सुहागपुरा, अरनोद, पीपलखूंट, दलोट और धमोतर क्षेत्र के रतनपुरिया, ओड़ा, समतापुर सहित विभिन्न गांवों में महिलाओं की जागरूकता बैठकें आयोजित की गईं। इनमें महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार से जोड़ने की जानकारी दी गई।
संजीवनी सेवा संस्थान के सचिव अमर सिंह ने बताया कि अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक खेती और महिला आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़कर जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके तहत पंचायत भवनों, विद्यालय परिसरों, छात्रावासों एवं अन्य सरकारी संस्थानों की खाली भूमि पर सहजन (मोरिंगा) के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
क्यों खास है सहजन (मोरिंगा)?
विशेषज्ञों के अनुसार सहजन, जिसे श्मिरेकल ट्रीश् भी कहा जाता है, अत्यंत पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर वृक्ष है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम तथा विटामिन ।, ब् और म् प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी फलियां, पत्तियां, फूल और बीज सभी उपयोगी होते हैं तथा कम पानी में भी इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। मोरिंगा पाउडर, चाय, कैप्सूल, पशु आहार और खाद्य उद्योग में इसकी बढ़ती मांग किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अवसर भी प्रदान कर रही है।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
संस्थान का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार कम से कम एक सहजन का पौधा लगाए तो जिले में हरियाली बढ़ने के साथ कार्बन अवशोषण, मिट्टी संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं पौध तैयार करने, बागवानी, प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ब्लॉक धमोतर प्रभारी धापू पाटीदार ने बताया कि संस्था गांव-गांव जाकर महिलाओं को जोड़ रही है, ताकि सरकारी योजनाओं और सामाजिक अभियानों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। संस्था कन्यादान महादान योजना, जैविक खेती, बागवानी, सहजन (मोरिंगा) खेती, ताइवान पपीता और गोल्डन सीताफल जैसी कृषि एवं सामाजिक योजनाओं के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रही है।
जागरूकता बैठकों में धापू पाटीदार, ललिता पाटीदार, निशा मालवीय, राजकुंवर, उर्मिला मेघवाल, संतोष मीणा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने महिलाओं से अभियान से जुड़कर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। संस्थान ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी से यह अभियान प्रतापगढ़ में पर्यावरण संरक्षण, पोषण सुरक्षा और महिला आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल स्थापित करेगा।