चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने गुरुवार को राशमी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत उपरेड़ा में आयोजित संध्या चौपाल एवं ग्रामीण सेवा शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा भी की।
शिविर में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों, भामाशाहों, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों तथा राज्य स्तर तक चयनित स्काउट छात्र का सम्मान किया गया। पात्र ग्रामीणों को 13 आवासीय पट्टे, 14 स्वामित्व कार्ड, तीन शौचालय निर्माण स्वीकृतियां वितरित की गईं, जबकि कृषि विभाग के दो आपसी बंटवारे के प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
शिविर के दौरान बेटी जन्मोत्सव एवं गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। ऊर्जा विभाग ने एक हितग्राही को घरेलू विद्युत कनेक्शन दिया, परिवहन विभाग ने 11 वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र बनाए, सहकारिता विभाग ने चार हितग्राहियों को ऋण वितरित किया तथा पशुपालन विभाग ने 355 पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण कर दवाइयों का वितरण किया। मंगला पशु बीमा योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को बीमा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जिला कलक्टर ने नियमित अध्ययन, अनुशासन और अच्छे संस्कारों को सफलता का आधार बताते हुए मोबाइल और लैपटॉप के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा पुस्तकों के अध्ययन पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी।
चौपाल में ग्रामीणों ने बिजली, कृषि विद्युत कनेक्शन, सड़क, जमाबंदी, जल संसाधन एवं कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान करने तथा प्रत्येक प्रकरण की कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, पूर्व जिला प्रमुख सुशीला जीनगर, उपखंड अधिकारी अंजू शर्मा, तहसीलदार, विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।