जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने अवमानना के एक मामले में राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव वित्त विभाग सेल्वेंद्रम और किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के संचालक अजय गुप्ता के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने तीनों अधिकारियों को 15 जुलाई को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन नहीं किए जाने पर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। मामला किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के एक पूर्व डिप्टी डायरेक्टर से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद उनसे 2 लाख 10 हजार रुपये की वसूली की गई थी। पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने यह राशि वापस करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। हालांकि, निर्धारित समय के बावजूद कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए।
अब तीनों अधिकारियों को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट में उपस्थित होकर यह बताना होगा कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया और अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।