रतलाम। नवाबों के शहर जावरा में शहर काज़ी के पद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व शहर काज़ी हाफ़िज़ शफ़ी अहमद द्वारा नियुक्त उत्तराधिकारी और एक अन्य गुट द्वारा की गई कथित हैंडराइटिंग घोषणा को लेकर शहर की शांति भंग होने की आशंका जताई जा रही है।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार पूर्व शहर काज़ी हाफ़िज़ शफ़ी अहमद ने अपने जीवनकाल में मुफ़्ती ज़ुल्फ़िकार अमजदी को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। इस नियुक्ति को बरेली शरीफ़ से सनद भी प्राप्त है।
आरोप है कि कुछ समितियों ने गत रात 12 से 2 बजे के बीच हैंडराइटिंग के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को शहर काज़ी घोषित कर दिया। इससे मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त है।
शांति भंग की आशंका
समाज के लोगों का कहना है कि इस अवैध घोषणा से शहर का अमन-चौन खराब हो सकता है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। काज़ी का पद धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में एकतरफा घोषणा से आपसी मतभेद गहरे हो सकते हैं।
ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
इसी क्रम में शहर के जिम्मेदार नागरिकों ने सोमवार को सीएसपी और एसडीएम जावरा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए और इस मामले में वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में शांति बनी रहे।