गलियाकोट (राजस्थान)। वागड़ क्षेत्र के विश्व प्रसिद्ध सैयदी फखरुद्दीन शहीद की पावन दरगाह पर शुक्रवार से दो दिवसीय सालाना उर्स श्रद्धा, अकीदत और रूहानियत के साथ शुरू हो गया। उर्स के पहले दिन से ही देश-विदेश से दाऊदी बोहरा समाज सहित हजारों जायरीन दरगाह पहुंचने लगे हैं। पूरे परिसर में इबादत, दुआ और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
दाऊदी बोहरा समाज की प्रमुख जियारतगाहों में शामिल इस दरगाह पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर परिवार, समाज, देश और पूरी इंसानियत की सलामती, अमन और खुशहाली की दुआ करते हैं। यह दरगाह धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द और सेवा भावना का भी प्रतीक मानी जाती है।
उर्स के अवसर पर दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के भाई मालिक-उल-अश्तर भाई साहब गलियाकोट पहुंच चुके हैं। उनकी सदारत में धार्मिक रस्में एवं मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को लंदन से सैयदना मौला के वाअज़ का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिसके लिए दरगाह परिसर में एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।
बरसात को देखते हुए परिसर में विशाल वाटरप्रूफ डोम बनाया गया है। जायरीनों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सैयदना मौला की ओर से सभी समाजजनों के लिए नियाज़ की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
उर्स के दौरान प्रतापगढ़ की सैफी कंपनी द्वारा लगाई गई सबील आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां तबर्रुक, ठंडा पेयजल, चाय, नाश्ता और मिठाई की निरूशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रतलाम, उज्जैन, उदयपुर, दाहोद और सूरत के समाजजनों ने भी विभिन्न स्थानों पर सबीलें लगाकर सेवा कार्य किए हैं।
रात्रि में रंग-बिरंगी रोशनी से सजी दरगाह श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। जायरीन मजार शरीफ पर जियारत कर अमन, खुशहाली, इंसानियत की भलाई तथा सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की दुआ करते रहे।