चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ में आयोजित 21वां कल्याण महाकुंभ श्रद्धा, भक्ति और अपार जनसहभागिता के साथ संपन्न हो गया। आठ दिवसीय महाकुंभ के दौरान भगवान शिव को समर्पित धार्मिक अनुष्ठान, श्रीलिंग महापुराण कथा, 51 कुंडीय अतिरुद्र महायज्ञ, भजन संध्याएं एवं विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।
पूरे आयोजन के दौरान प्रतिदिन ठाकुर श्री कल्लाजी का मनोहारी श्रृंगार किया गया तथा मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा से अलंकृत किया गया। प्रत्येक संध्या आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुतियों ने भक्तिमय वातावरण बना दिया।
महाकुंभ का शुभारंभ 1 जुलाई को भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ हुआ। आठ दिनों तक चली श्रीलिंग महापुराण कथा में भगवान शिव के लिंग स्वरूप एवं पंचावतार का विस्तार से वर्णन किया गया। पंचदिवसीय 51 कुंडीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ में बड़ी संख्या में यजमानों ने गौ-घृत एवं साकल्य की साढ़े तीन करोड़ आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के प्रभाव का वैज्ञानिक परीक्षण भी कराया गया।
महाकुंभ के दौरान शिव पंचाक्षरी मंत्र के साढ़े चार सौ करोड़ जाप, 111 श्रीलिंग महापुराण पारायण, सुंदरकांड पाठ, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन तथा अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
समापन अवसर पर वेदपीठ के न्यासियों एवं पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा एवं आयुर्वेद विभाग, नगर परिषद, औद्योगिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों, मीडिया तथा सर्वसमाज का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
श्री कल्लाजी वेदपीठ एवं न्यास ने सभी सहयोगियों, आचार्यों, बटुकों, वीर-वीरांगनाओं, शक्ति एवं कृष्णा शक्ति दल की मातृशक्ति, दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं तथा जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सामूहिक सहयोग और ठाकुर श्री कल्लाजी की कृपा से महाकुंभ अपने उद्देश्य के अनुरूप भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। आयोजन ने सहभागिता के मामले में पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।