BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही कैलाशी बाई सेन, परिवार में शोक.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले गरोठ में प्रशासन की.. <<     KHABAR : रोशनी के पर्व पर नीमच के प्रशासनिक मुखिया.. <<     BIG NEWS : नीमच में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी.. <<     KHABAR : दीपावली पर्व को लेकर शाजापुर पुलिस पूरी.. <<     KHABAR : मुरैना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक.. <<     KHABAR : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में.. <<     KHABAR : दीपों के महापर्व पर जनप्रतिनिधियों का.. <<     KHABAR : स्वामित्व अभिलेख पंजीयन में शत-प्रतिशत.. <<     KHABAR : ​​​​​​​धनतेरस और दीपोत्सव पर प्रभारी.. <<     BIG NEWS : टीएल में पहुंची शिकायत तो हरकत में आया.. <<     KHABAR : मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का.. <<     त्योहारों से पहले देवास में मिलावटखोरों पर.. <<     KHABAR : धनतेरस पर दमका बाजार, ग्राहकों से गुलजार.. <<     KHABAR : मुरार जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाई.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 9, 2026, 3:57 pm
KHABAR : रिटायर्ड अफसर की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, आदेश का पालन नहीं करने पर एसीएस समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी, पढे़ खबर 

Share On:-

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त रुख अपनाते हुए एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) मनीष रस्तोगी, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक अजय गुप्ता के खिलाफ 25-25 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए।


अदालत ने अधिकारियों को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पूर्व आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बुधवार को जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं।


सेवानिवृत्त अधिकारी ने दी थी चुनौती
मामला कृषि विभाग जबलपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर देवदत्त विश्वकर्मा से जुड़ा है, जो 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने उनसे करीब 2 लाख 10 हजार रुपए की रिकवरी की थी।


याचिकाकर्ता के अनुसार उन्हें वर्ष 2006 में समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया था, लेकिन वर्ष 2021 में सरकार ने यह कहते हुए आदेश निरस्त कर दिया कि समयमान वेतन स्वीकृत करने का अधिकार संचालक के बजाय सचिव स्तर का था। इसके बाद मूल राशि और ब्याज जोड़कर करीब 2.10 लाख रुपए की वसूली कर ली गई।


हाईकोर्ट ने लौटाने का दिया था आदेश
रिकवरी को चुनौती देते हुए देवदत्त विश्वकर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने 8 मई 2024 को फैसला सुनाते हुए वसूली गई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद आज तक राशि वापस नहीं की गई, जिसके चलते अवमानना याचिका दायर की गई।


अन्य अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भी नाराजगी
सुनवाई के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी एसके निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार के अधिवक्ता को दोनों अधिकारियों को तत्काल अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति और लापरवाही पर भी जवाब तलब किया है।


हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े सभी संबंधित अधिकारी 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आदेश के पालन की स्थिति से अवगत कराएं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE