गुना। नगरपालिका में नामांतरण प्रकरण निपटाने के लिए गुरुवार को एक नया प्रभार दिया गया है। राजस्व विभाग के एक पटवारी को लंबित नामांतरण के परीक्षण के लिए लगाया गया है। प्रदेश की नगरपालिकाओं में यह पहला मामला है जब इस तरह का प्रभार दिया गया है।
बता दें कि नगरपालिका में मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत काम होता है। नगरपालिका की अपनी राजस्व टीम होती है, जिसमें राजस्व निरीक्षक सहित अन्य लोग होते हैं और वही नामांतरण के मामलों को देखते हैं। उनके बाद नामांतरण की फाइल CMO और फिर अध्यक्ष के हस्ताक्षर के लिए जाती है। उनके हस्ताक्षर के बाद ही नामांतरण होता है।
राजस्व विभाग के पटवारी को लगाया
नगरपालिका में अब लंबित नामांतरण प्रकरणों के भौतिक परीक्षण के लिए राजस्व विभाग के पटवारी को लगाया गया है। SDM गुना ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार, गुना ग्रामीण तहसील के बरखेड़ा गिर्द के पटवारी सौरभ बंसल को अगले एक महीने के लिए प्रकरणों का परीक्षण करने के लिए प्रभार दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है।
नपा में नामांतरण के 629 मामले पेंडिंग
वर्तमान में नगरपालिका में नामांतरण के 629 मामले पेंडिंग हैं। नगरपालिका अध्यक्ष के स्तर पर नामांतरण की एक भी पेंडिंग फाइल नहीं है। ये सभी CMO के हस्ताक्षर स्तर पर लटके हुए हैं। सबसे ज्यादा मामले 2025 और 2026 में पेंडिंग हुए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर को नपा CMO का प्रभारी था। वर्ष 2025 के 260 और वर्ष 2026 के 255 प्रकरण पेंडिंग हैं।
नगरपालिका के नामांतरण मामलों में पटवारी को प्रभार देने से पदों के बीच असमंजस बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। नपा के राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर के बाद पटवारी उनका परीक्षण करेगा, जबकि राजस्व निरीक्षक पद के मामले में पटवारी से ऊपर होता है। ऐसे में दोनों में सामंजस्य बैठने में परेशानियां सामने आ सकती हैं।