चित्तौड़गढ़। सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आचार्य विद्यासागर मांगलिक धाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत बुधवार को राष्ट्रीय संत आचार्य श्री पुलक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए परिवार, संस्कार और मानवीय मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायी संदेश दिए।
आचार्यश्री ने कहा कि ष्स्वर्ग की तलाश मंदिरों में नहीं, अपने घर में करनी चाहिए।ष् उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद स्वर्ग-नरक की चिंता करने के बजाय अपने घर को प्रेम, संस्कार, सद्भाव और अपनत्व से भरना ही वास्तविक स्वर्ग है। मंदिर जाकर यदि जीवन और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन नहीं आता, तो पूजा का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
पिता के महत्व को बताया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी-
प्रवचन के दौरान आचार्यश्री ने पिता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिता भले कठोर प्रतीत होते हों और कड़वे शब्द बोलते हों, लेकिन वे सूरज की तरह स्वयं तपकर अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाते हैं। जैसे बीमारी में कड़वी दवा स्वास्थ्य देती है, वैसे ही पिता की सीख जीवन को सही दिशा देती है।
उन्होंने श्रोताओं से अनाथालय जाकर वहां के बच्चों की पीड़ा समझने की अपील करते हुए कहा कि गरीब पिता भी अपने बच्चों को अनाथ होने का दर्द नहीं देता। उन्होंने कहा, ष्जब तक झुर्रियों वाला हाथ सिर पर है, तब तक भगवान का आशीर्वाद और जीवन की शान कायम रहती है।ष्
आचार्यश्री ने कहा कि दुनिया में दो तरह के बुजुर्ग होते हैं- एक उम्र के कारण और दूसरे अपनी संतान की उपेक्षा के कारण समय से पहले बूढ़े हो जाते हैं। उन्होंने सभी से भगवान बनने से पहले अच्छा इंसान बनने का आह्वान किया।
दीप प्रज्वलन व शास्त्र भेंट के साथ हुआ प्रवचन का शुभारंभ-
धर्मसभा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट के साथ हुआ। इस अवसर पर उम्मेदमल गंगवाल, दिलीप सोगानी, सुनील पाटनी, मुकेश सोगानी एवं अनुज जैन परिवार सहित कई पुण्यार्जक परिवारों ने आचार्यश्री के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।
संयम दल ने किया स्वागत, श्वेतांबर समाज भी हुआ शामिल-
संयम दल के युवाओं ने श्रीफल भेंट कर आचार्यश्री का स्वागत किया। इस दौरान महावीर मंजू बेद, अनुपम-प्रीति सोनी, शैलेश-अभिलाषा पाटनी, राहिल-श्वेता अजमेरा, दीपेश-रेणु जैन, दर्शन-मुस्कान बोहरा तथा अमन-कनिका पाटनी सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। धर्मसभा में श्वेतांबर जैन समाज के संत एवं साध्वीगण भी शामिल हुए। सकल दिगंबर जैन समाज ने उनका सम्मान कर जैन समाज की एकता और सौहार्द का संदेश दिया।
18 जुलाई तक प्रतिदिन होंगे प्रवचन-
समाज के अध्यक्ष पारस सोनी, महामंत्री डॉ. ज्ञान सागर जैन, मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मनोज पाटनी एवं महामंत्री नवीन पाटनी ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव 18 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 8रू30 बजे आचार्य श्री पुलक सागर महाराज के प्रवचनों के साथ जारी रहेगा। उन्होंने धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन शाम 7 बजे आरती एवं आनंद यात्रा तथा रात्रि 9रू30 बजे वैयावृत्ति (चरण सेवा) का आयोजन भी किया जा रहा है। धर्मसभा में दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी, महिला मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।