चित्तौड़गढ़। नगर परिषद के निवर्तमान भाजपा पार्षदों ने रेलवे ट्रैक के निकट निर्मित चौपाटी मार्केट को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अवैध निर्माण ध्वस्त कराने तथा निर्माण पर खर्च हुए 96 लाख रुपये संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूलने की मांग को लेकर न्यायालय में दावा पेश किया जाएगा।
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि रेलवे ट्रैक से 30 मीटर के दायरे में स्थित रास्ता भूमि पर नियमों के विरुद्ध निर्माण कराया गया, जिसमें 36 लाख रुपये दुकानों के निर्माण तथा 60 लाख रुपये सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए गए।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव, जिला प्रशासन एवं नगर परिषद आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को अक्टूबर 2025 में रजिस्टर्ड नोटिस भेजे गए थे। राज्य सरकार को भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा कथित अवैध दुकानों की नीलामी के लिए नियमों के विपरीत समिति गठित कर दी गई।
निवर्तमान पार्षदों ने मांग की कि नगर परिषद की पिछली दो ऑडिट रिपोर्टों की जांच कर करीब 40 करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली भ्रष्ट अधिकारियों से कराई जाए, ताकि परिषद की आर्थिक स्थिति सुधर सके और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
यह बयान जारी करने वालों में निवर्तमान पार्षद छोटू सिंह शेखावत, नरेंद्र पोखरना, रामचंद्र गुर्जर, शिव शर्मा एवं हरीश गुरनानी सहित अन्य शामिल रहे।