चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कुंभानगर चौपाटी के आवंटन में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटन और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण वर्षों बाद भी इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल सका है।
जाड़ावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में परियोजना से जुड़ी अधिकांश प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी बाधाओं का समाधान कर दिया गया था। तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव अर्पणा अरोड़ा के कार्यकाल में राजस्व विभाग की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी थीं तथा रेलवे विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया गया था। इसके बावजूद भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना के आवंटन में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार की मंशा विकास की होती तो अब तक आवंटन प्रक्रिया पूरी कर आधुनिक चौपाटी, पर्यटन को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके होते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित है, जबकि विकास कार्यों की गति थम गई है।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि चंदेरिया सीएचसी, बस्सी उप जिला चिकित्सालय, सैटेलाइट अस्पताल और कुंभानगर चौपाटी जैसी जनहित की परियोजनाओं पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आवंटन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की, ताकि शहरवासियों को लंबे समय से लंबित इस परियोजना का लाभ मिल सके।
जाड़ावत ने स्थानीय निर्दलीय विधायक पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने उन्हें विकास की उम्मीद से चुना था, लेकिन अब तक शहर के विकास में उनका कोई उल्लेखनीय योगदान दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि यदि विधायक वास्तव में जनता के हितैषी हैं, तो कुंभानगर चौपाटी का आवंटन जल्द शुरू करवाकर अपनी प्रतिबद्धता साबित करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में विकास परियोजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है। महंगाई, बेरोजगारी और अधूरे विकास कार्यों से जनता परेशान है, जबकि सरकार प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ जैसे ऐतिहासिक शहर की उपेक्षा अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।