मनासा। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत एवं भागवताचार्य संत श्री चेतनरामजी (उदयपुर) ने कहा कि टीवी और मोबाइल का अंधाधुंध उपयोग हमारे सनातन संस्कार, विचार और आचरण को कमजोर कर रहा है। समाज में बढ़ रही घटनाओं पर सभी को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। वे यहां आयोजित 94वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग को संबोधित कर रहे थे।
लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु सत्संग में शामिल हुए। इस अवसर पर संत श्री चेतनरामजी एवं युवा संत श्री संतरामजी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संत चेतनरामजी ने कहा कि मन स्वभाव से चंचल होता है, लेकिन सद्गुरु की शरण में जाने से उसे शांति मिलती है। उन्होंने रावण के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि अहंकार का अंत हमेशा विनाश में होता है। वहीं संत श्री संतरामजी ने श्रद्धालुओं से अहंकार, क्रोध और आलस्य का त्याग कर ईश्वर प्राप्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लाभार्थी राधेश्याम गुजराती, प्रहलाद गुजराती, संदीप जोलान्या, सुमित अजमेरा, हेमंत श्रीवास, रमेश अरोरा, लाला चौहान, शेखर चौहान एवं संजय भाटी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीहनुमान एवं आद्य आचार्य स्वामी श्री रामचरणजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। लाभार्थी परिवार तथा रामस्नेही सम्प्रदाय के पदाधिकारियों ने संतों का स्वागत कर श्रीफल भेंट किए।
भजन संध्या में राजकुमार मारू, विजय उपाध्याय, सत्यनारायण सोनी, अर्पित शर्मा, कमल विजयवर्गीय एवं ओम सोनी ने भजनों की प्रस्तुति दी। अंत में सनातन सत्संग मंडल ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए 14 जुलाई को रात्रि 8.30 बजे श्री बद्रीविशाल मंदिर में आयोजित 95वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया।