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July 7, 2026, 11:21 am
KHABAR : 25 जुलाई से मांगलिक कार्यों पर विराम, 12 साल बाद बन रहा दुर्लभ गजकेसरी योग, 15 जुलाई से शुरू होगी गुप्त नवरात्र, बुध पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग का रहेगा शुभ संयोग, पढे़ खबर 

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उज्जैन। देवशयनी एकादशी के साथ 25 जुलाई से चातुर्मास का शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत सहित सभी मांगलिक कार्यों पर अगले चार महीने के लिए रोक लग जाएगी।

इससे पहले 15 जुलाई से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र शुरू होगी, जो इस बार 9 दिनों तक चलेगी। विशेष बात यह है कि गुप्त नवरात्र का शुभारंभ 12 वर्ष बाद बन रहे दुर्लभ गजकेसरी योग और बुध पुष्य योग के संयोग में होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग साधना, पूजा-पाठ, नई शुरुआत और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, 15 जुलाई को बुधवार, पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति के साथ गुरु की युति से गजकेसरी योग बनेगा। हालांकि 16 जुलाई से गुरु तारा अस्त हो जाएगा, जिसके कारण गुप्त नवरात्र के दौरान भड़ली नवमी का मुहूर्त रहने के बावजूद विवाह जैसे मांगलिक कार्य मान्य नहीं होंगे।

गुप्त नवरात्र के दौरान दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग भी बनेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों में नए व्यवसाय की शुरुआत, बैंकिंग, टेक्नोलॉजी, कार्यालय परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण कार्य करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वर्ष में चार नवरात्र मनाई जाती हैं। इनमें चौत्र और अश्विन मास की नवरात्र प्रकट नवरात्र, जबकि आषाढ़ और माघ मास की नवरात्र गुप्त नवरात्र कहलाती हैं। गुप्त नवरात्र को साधना, उपासना और आध्यात्मिक सिद्धियों के लिए विशेष महत्व दिया गया है।

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