नीमच। सनातन परंपरा में पापों के क्षय, आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति का पर्व मानी जाने वाली योगिनी एकादशी शुक्रवार को नीमच के प्राचीन श्री श्याम मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने बाबा के दरबार में पहुंचकर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
पर्व के शुभ अवसर पर प्रातःकाल आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर श्याम नाम के जयकारों और भजनों की मधुर धुनों से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में शीश नवाकर परिवार की खुशहाली, आरोग्य और सुख-शांति की प्रार्थना की।
योगिनी एकादशी के अवसर पर श्री श्याम बाबा का दिल्ली और कोलकाता से मंगाए गए सुगंधित पुष्पों से आकर्षक एवं दिव्य श्रृंगार किया गया। फूलों की सजावट और बाबा का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित गोपाल कृष्ण शर्मा ने बताया कि शाम 7 बजे महाआरती के साथ भव्य ताली कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद बाबा को 2 क्विंटल श्रीखंड का महाभोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एकादशी के अवसर पर मंदिर पूरे दिन दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा। वहीं श्रृंगार सेवा के कारण दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक बाबा के पट बंद रहेंगे।
योगिनी एकादशी पर नीमच नरेश श्री श्याम बाबा के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे वातावरण को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।