नरसिंहपुर। जिले में आउटसोर्स और अंशकालीन ग्राम पंचायत कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के नाम कलेक्टर को मांग पत्र दिया। जिसमें ग्राम पंचायतों में कार्यरत चौकीदार, पंप ऑपरेटर, भृत्य और सफाईकर्मियों को न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण की मांग की है।
संयुक्त मोर्चा ने मांगपत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में लाखों की संख्या में चौकीदार, भृत्य, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मी वर्षों से पंचायत विभाग के आदेश के तहत काम कर रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी 10, 15 या 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।
लेकिन उनके लिए कोई निश्चित वेतनमान निर्धारित नहीं किया गया है। वर्तमान में इन कर्मचारियों को मात्र 2,000 से 3,000 रुपए मासिक भुगतान किया जाता है, जो उनके परिवार का गुजारा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
मांगपत्र में कहा गया है कि ये कर्मचारी पंचायत विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करते हैं। नल-जल योजना का संचालन, पंचायत भवनों की देखरेख, सफाई और सुरक्षा जैसे काम इन्हीं के जिम्मे हैं। लेकिन वेतन भुगतान के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण ये कर्मचारी सरपंचों और सचिवों के भरोसे छोड़ दिए गए हैं। कई
पंचायतों से यह शिकायतें भी आई हैं कि कर्मचारियों से निजी कार्य, जैसे खेतों में काम और घर की सफाई, कराई जाती है। संयुक्त मोर्चा का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। तो प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
संयुक्त मोर्चा ने इन मांगों पर दिया जोर
1. सभी चौकीदार, पंप ऑपरेटर, भृत्य और सफाईकर्मियों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत निर्धारित वेतन दिया जाए।
2. इन कर्मचारियों को नियमित कर पंचायत विभाग के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के रूप में मान्यता दी जाए।
3. कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।