इंदौर। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक की। इस बीच उन्होंने कंपनी क्षेत्र के 15 जिलों में आरडीएसएस के तहत परियोजना से जुड़े कार्य ग्रिड निर्माण, पुराने ग्रिड रिनोवेशन, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, केबलीकरण, नई 33 केवी लाइन, 11 केवी लाइन, तारों की क्षमता बढ़ाने इत्यादि के कार्यों की समीक्षा की।
अनूप कुमार सिंह ने कहा कि, रिवैम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके कार्य हर हाल में समय पर पूर्ण किए जाने चाहिए। तय समय के बाद संबंधित एजेंसी पर पेनल्टी लगाई जाएगी। इंदौर शहर में इस योजना के तहत अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य जारी है। जहां भी आवश्यकता है, वहां अगले तीन सप्ताह में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगा दिए जाएंगे, ताकि ग्रीष्मकाल प्रारंभ होने से पहले वितरण क्षमता में वृद्धि हो और अतिभारित स्थिति समाप्त हो जाए।
उन्होंने खंडवा, इंदौर ग्रामीण, इंदौर शहर, धार, आगर, उज्जैन आदि जिलों से संबंधित आरडीएसएस कार्य एजेंसियों को समय पर कार्य करने के प्रति चेतावनी दी।
सिंह ने सभी अधीक्षण यंत्रियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष के समापन तक वे प्रतिदिन आरडीएसएस के कार्यों की समीक्षा करें, एजेंसियों (टीकेसी) के प्रतिनिधियों से नियमित संवाद करें और उनकी कठिनाइयों का समाधान करें, ताकि परियोजना कार्य समय सीमा में पूर्ण हो सके।
इंदौर शहर के ग्रिडों की बिजली वितरण क्षमता बढ़ाई गई
शहर के अलग - अलग क्षेत्रों में स्थित 33/11 केवी ग्रिडों की बिजली वितरण क्षमता में बढ़ोतरी की गई है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर शहर अधीक्षण यंत्री मनोज शर्मा ने बताया कि पालदा ग्रिड के पीटीआर की क्षमता 3.5 एमवीए से बढ़ाकर 5 एमवीए कर दी गई है।
इसी तरह स्कीम नंबर 114 स्थित ग्रिड के पीटीआर की क्षमता 5 से 10 एमवीए, एलआईजी ग्रिड की क्षमता 8 से बढ़ाकर 10 एमवीए की गई है। एयरपोर्ट स्थित ग्रिड के पीटीआर की क्षमता भी 5 से बढ़ाकर 10 एमवीए कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही एमपी नगर स्थित ग्रिड, खजराना और संचार नगर स्थित ग्रिड की क्षमता में भी वृद्धि की जाएगी।
अधीक्षण यंत्री ने बताया कि शहर के ग्रिडों के पीटीआर की कुल क्षमता में 30-40 एमवीए की वृद्धि होने से ग्रीष्मकाल में बिजली वितरण में आसानी होगी। ज्ञातव्य है कि शहर में ग्रीष्मकाल के दौरान बिजली की अधिकतम मांग 700 मेगावाट के पार चली जाती है।
500 उपभोक्ताओं से फोन पर फीडबैक ले रही कंपनी
मध्यप्रदेश पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी बिजली आपूर्ति व अन्य शिकायतों के समय पर निराकरण एवं मॉनिटरिंग के लिए प्रभावी कार्य कर उपभोक्ताओं की हर संभव मदद कर रही है। वॉट्सएप, सोशल मीडिया, ऊर्जस ऐप, कॉल सेंटर 1912 के साथ ही जोन और वितरण केंद्रों के नंबरों पर या इन स्थानों पर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने वाले प्रकरणों में भी तुरंत संज्ञान लिया जा रहा है।
आपूर्ति संबंधी शिकायतों का समय पर समाधान कर प्रत्येक शिकायतकर्ता को समाधान की पुष्टि के लिए फोन भी किया जाता है, ताकि संतुष्टि का स्तर अधिकतम बना रहे। कॉल सेंटर के अलावा पिछले चौबीस घंटों में वॉट्सएप के माध्यम से 3, ऊर्जस ऐप से 267, सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स के माध्यम से 7 उपभोक्ताओं की आपूर्ति संबंधी शिकायतों का समाधान किया गया है। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं को फोन कर बिजली सेवाओं संबंधी फीडबैक भी लिया जा रहा है।