हरदा। सिटी कोतवाली पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को एसपी अभिनव चौकसे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया।
मामला 17 जनवरी का है, जब एमपीईबी के लाइनमैन सुमेर सिंह के साथ प्रताप टॉकीज के पास स्थित एसबीआई एटीएम में धोखाधड़ी हुई। एक अज्ञात व्यक्ति ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपियों ने तीन दिनों में तीन बार 40-40 हजार रुपए निकाले। इसके अलावा फर्जी पीओएस मशीन से भी पैसे निकाले गए।
एसपी अभिनव चौकसे ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड हरियाणा के हिसार जिले के हांसी का रहने वाला 28 वर्षीय अनिल पासी है। वह दो अलग-अलग गिरोह चला रहा था। एक गिरोह एटीएम बदलने का काम करता था, जबकि दूसरा पीओएस मशीन से फ्रॉड करता था।
जांच में पता चला कि फ्रॉड से निकाली गई रकम सीहोर जिले के बुदनी निवासी रवि कैथवास के खाते में ट्रांसफर की गई। पूछताछ में रवि ने बताया कि बुदनी का रहने वाला और वर्तमान में इंदौर में रह रहा 20 वर्षीय निहाल निगम उसके नाम से पीओएस मशीन चलाता था। इसके लिए वह 10 प्रतिशत कमीशन देता था। पुलिस को आरोपी के खाते में अब तक 15 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन मिला है।
जब निहाल निगम से पूछताछ की गई तो पता चला कि 17 जनवरी से 19 जनवरी के बीच सुमेरसिंह के खाते से निकाली गई राशि हरियाणा के अनिल पासी के खाते में गई है।जिसने निहाल को 20 प्रतिशत कमीशन दिया था। जिसे दोनों दोस्तो ने 10-10 प्रतिशत बांट लिया।
टेलीग्राम एप से आरोपी ने किया संपर्क
एसपी चौकसे ने बताया कि हरियाणा के अनिल पासी ने इंदौर में रहने वाले निहाल से संपर्क कर उसे लालच दिया गया। जिसके बाद आरोपी निहाल ने अपने माता पिता भाई एवं एक महिला मित्र के नाम पर फर्जी तरीके से पीओएस मशीन बनवा ली। जो उनसे हरियाणा अनिल के पास भिजवाई थी।
जिन्हें निहाल के द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से आपरेट किया जा रहा था। जिसमें किसी भी कार्ड के माध्यम से राशि आने पर वह बीस प्रतिशत कमीशन काटने के बाद शेष राशि मुख्य आरोपी अनिल को ट्रांसफर कर दी जाती थी।
पुलिस ने अनिल के सभी खातों को होल्ड करवा गया है जिससे फरियादी की राशि की रिकवरी कराई जाएगी।जबकि बुजुर्ग को चकमा देकर एटीएम बदलने वाले युवक की तलाश की जा रही है।जो अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
फर्जी फर्म के नाम से जबलपुर में बनी पीओएस मशीन
एसपी चौकसे ने बताया कि आमतौर पर पीओएस मशीन किसी फर्म के नाम से बनाई जाती है। लेकिन, आरोपी ने फर्जी फर्म दर्शाकर जबलपुर के संदेश पिता सुनील शर्मा एवं उसके साथी आयुष केशरवानी के माध्यम से पीओएस मशीन बनाई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में निहाल पिता गंगाराम निगम (20) साल निवासी बुदनी, रवि पिता मुकेश कैथवास (24) निवासी बुदनी, संदेश पिता सुनील शर्मा (44) साल निवासी कांच घर समदड़िया कॉलोनी जबलपुर, और मुख्य आरोपी अनिल पिता धरमवीर पासी (28) निवासी हांसी हरियाणा को आरोपी बनाया है।