भोपाल। प्रदेश सरकार अब विधवा महिलाओं के विवाह को प्रोत्साहित करने जा रही है। इसके लिए मोहन कैबिनेट ने अपने सभी मंत्रियों से कहा है कि वे अपने विभाग, प्रभार के जिलों और क्षेत्र में विधवा महिलाओं को प्रोत्साहित करें।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट खत्म हो चुकी है। अब मंत्रियों को विभाग के बजट और समीक्षा के साथ जिलों में इस तरह के विवाह आयोजनों पर भी फोकस करना होगा। सरकार ने ऐसी महिलाओं को कल्याणी नाम दिया है। इनके सामूहिक विवाह के कार्यक्रमों के जरिए विवाह होने पर दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी तय कर रखी है।
24 जनवरी 2025 को मोहन कैबिने की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सामूहिक विवाह आयोजन के साथ ही कल्याणी विवाह को प्रोत्साहित करने के लिये मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों से कहा गया है कि इस योजना का प्रदेश एवं जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना है, जिससे जरूरतमंद कल्याणियों (विधवा महिलाओं) को अधिक-से-अधिक लाभ मिल सके। इसके लिये कल्याणी विवाह पोर्टल भी बनाया गया है, जिसके अंतर्गत जरूरतमंद कल्याणियों की जानकारी सुलभता से उपलब्ध हो सके।
2018 में शुरू हुई योजना
प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय और निशक्तजन सोनाली वायंगणकर ने दो दिन पहले जारी आदेश में मंत्रियों को विधवा विवाह के लिए प्रोत्साहित करने संबंधी कैबिनेट के फैसले के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई है। योजना में कल्याणियों को विवाह के बाद राशि 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के पात्रता के मापदंड-
कल्याणी व कल्याणी का पति म.प्र. के मूल निवासी हो।
विवाह के समय कल्याणी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो
कल्याणी के पति की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक हो। कल्याणी आयकरदाता न हो
कल्याणी शासकीय कर्मचारी, अधिकारी न हो
किसी राज्य या केंद्र सरकार या शासन के किसी निगम, उपक्रम, संस्था के अधीन कार्यरत कर्मचारी, अधिकारी न हो। कल्याणी को परिवार पेंशन प्राप्त न हो रही हो।
कल्याणी का जिस व्यक्ति से विवाह हुआ हो उसकी पूर्व से कोई जीवित पत्नी न हो।
कल्याणी व उसके दिवंगत पति का समग्र आईडी में पंजीयन हो।