चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यकम चित्तौडगढ़ के अन्तर्गत निजी चिकित्सको / अस्पताल की कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राकेश भटनागर में बताया की जिले में संचालित क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत पीपीआईएस 2.0 योजना एवं नोटिफिकेशन और आउटकम इन्सेंन्टिव एवं सेंपल ट्रांसपोर्ट मैक्निजम के बारे में जानकारी देते हुए निजी सेवा प्रदाताओं को सरकार के द्वारा दिये जा रहे लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए, बताया कि जिले में वर्ष 2024 में निजी ईलाज ले रहे रोगियो की संख्या 384 है। विभाग द्वारा इन निजी रोगियो को भी सभी प्रकार कि आवश्यक जाँच एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रहा हैसमस्त रोगीयों को उपचार अवधि में पोषण हेतु निक्षय पोषण योजनो में 1000/- प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में दिये जा रहे है। इसके अलावा जरुरत मंद रोगीयों को पोषण साहायता निक्षय मित्र द्वारा दि जा रही है।
कार्यशाला में डब्लुएचओ कन्सल्टेंट डॉ. आशुतोष, डॉ. जे. एल. पुगलिया, डॉ. प्रकाश ग्रेवाल, डॉ अरविन्द सनाढ्य, डॉ प्रतिमा सनाढ्यडॉ दिनेश कॉठेड, डॉ. महेन्द्र बालोत, डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. ब्रजेश धाकड़, डॉ. भानुप्रताप सिंह, डॉ. जगदीश चौधरी, डॉ. देवेश शर्मा, डॉ. मीठालाल मीणा, डॉ. सुभाष कुमावत, डॉ. लोकेश जैन, डॉ. दीपक, डॉ. लोकेन्द्र गोयल, पंचमुखी, पर्ल हॉस्पिटल, आदि के चिकित्सको ने भाग लिया।