रतलाम। पिपलौदा तहसील के शेरपुर स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74 लाख रुपये से अधिक के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। ऑडिट जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने के बाद पुलिस ने संस्था के प्रबंधक अशोक बाफना और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार यह गबन वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच हुआ बताया जा रहा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिपलौदा शाखा द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के बाद 6 मार्च 2026 को जांच प्रतिवेदन पुलिस को सौंपा गया था।
ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भारत सरकार की “सहकार से समृद्धि” योजना के अंतर्गत पैक्स कंप्यूटरीकरण के दौरान डाटा मिलान में संस्था की बैलेंस शीट और वास्तविक खातों में 86 लाख रुपये से अधिक का अंतर पाया गया।
विशेष ऑडिट समिति की जांच में सामने आया कि 70 से अधिक सदस्यों के खातों में कुल 74,45,947 रुपये की राशि में अनियमितता की गई। जांच में यह भी पाया गया कि 68 खाताधारकों के रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया, जिसमें राशि जमा करने के बावजूद रसीदें जारी नहीं की गईं और कैशबुक में भी एंट्री नहीं की गई।
आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने फर्जी रसीदों के जरिए राशि दर्ज की और संस्था की लोक धन संपत्ति का दुरुपयोग किया। मामले के सामने आने के बाद दोनों को 12 फरवरी 2026 को निलंबित कर दिया गया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पिपलौदा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी रमेश कोली ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।