नीमच। सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि बड़ी हुई दर से एरियर सहित न्यूनतम वेतन के शीघ्र भुगतान हेतु आज प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत नीमच कलेक्टर कार्यालय में श्रमायुक्त के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर इंद्र सिंह धार्वे को सोपा गया कामरेड ठाकुर ने बताया कि श्रम आयुक्त के परिपत्र व उसमें दिए गये निर्देशों के बावजूद यह तथ्य हमारे संज्ञान में आया है कि सरकारी कार्यालयों व विभागों में कार्यरत आऊट सोर्सिंग कर्मचारियों तथा कंपनियों व संस्थानों द्वारा उनके अधीन कार्यरत कर्मियों को बढ़ा हुआ न्यूनतम वेतन का भुगतान इस बार नहीं किया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि अब मार्च 2025 में जिन संस्थानों में बढ़ा हुआ न्यूनतम वेतन का भुगतान दिया जाएगा, उनके द्वारा एरियर्स का भुगतान न करने की स्थिति बनी हुई है। अतः आपसे आग्रह है कि हमारे निम्न बिंदुओं को संज्ञान में लेकर उचित कदम उठाए(1) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद आपके द्वारा जारी उपरोक्त परिपत्र में स्पष्ट लिखा है कि किसी टेक्सटाइल व मेड अप परिधान विनिर्माण (वुवन, निटेड व तकनीकी वस्त्र) तथा फुटवियर निर्माण में नियोजन को छोड़कर सभी अधिसूचित नियोजनों पर 4 मार्च 2024 की श्रम विभागीय अधिसूचना पुनः प्रभावशील हो गई है। स्पष्ट है कि 01 अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की दरें तथा समय-समय पर जारी देय परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भुगतान किया जाना है। इस संबंध में हमारी मांग की गई हैक) अब तक प्राप्त जानकारी के लिहाज से 1 अप्रैल 2024 की बढ़ी दरों के एरियर्स सहित भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इसलिए हमारी मांग है कि श्रम विभाग के सभी मैदानी कार्यालय व अधिकारियों हेतु आपकी ओर से एक विशेष पत्र जारी कर एरियर्स सहित भुगतान को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाए तथा इस पत्र की प्रति सभी केंद्रीय श्रमिक संगठनों को भी दिया जावे।
ख) यह स्पष्ट है कि 19 जनवरी 2025 को जारी श्रम विभागीय अधिसूचना क्रमांक एफ 4(बी)1-2014-ए-16 में तीन नए नियोजन अधिसूचित हुए हैं। यह भी स्पष्ट है कि न्यूनतम वेतन की दरों में वर्तमान पुनरीक्षण नवम्बर 2019 से किया गया है जिसे 01 अप्रैल 2024 में लागू किया गया। यह स्पष्ट है कि 19 जनवरी 2025 से पूर्व उपरोक्त तीनों नए नियोजनों पर पुनरीक्षित वेतन ही लागू होते है। इसलिए आग्रह है कि माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ द्वारा 10 फरवरी 2025 को दिए गए निर्णय की समीक्षा हेतु याचिका (त्मअपमू च्मजपजपवद) दायर करें। यहाँ यह बताना जरूरी है कि हमारे संगठन द्वारा इस सम्बन्ध में समीक्षा याचिका (त्मअपमू च्मजपजपवद) माननीय उच्च न्यायालय के इंदौर खंडपीठ में दिनांक 06 मार्च 2025 को दायर की गई है जिसका क्रमांक त्च्/406/25 है। इसलिए शासन की ओर से यह समीक्षा याचिका (त्मअपमू च्मजपजपवद) दायर करने से टेक्सटाइल व उससे संबंधित अन्य उप-नियोजनों के श्रमिकों को वैधानिक देय दरें मिलने में मदद मिलेगी।ग) ऐसी जानकारी मिली है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय की गलत समीक्षा कर पावरलूम नियोजन (नियोजन क्रमांक 21) तथा कोसा (नियोजन क्रमांक 23) के साथ पूर्व के नियोजन क्रमांक 36 व नियोजन क्रमांक 59 के श्रमिकों को भी बढ़ी दरों से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए इस संबंध में विशेष स्पष्टीकरण परिपत्र आपके कार्यालय से जारी किया जावे।
(2) विगत एक वर्ष में हमारे संगठन की ओर से कई बार आपको ज्ञापन सौंप कर बताया गया था कि पिछला न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण 29 सितम्बर 2014 को अधिसूचित किया गया था।
न्यूनतम वेतन कानून में स्पष्ट उल्लेख है कि अधिकतम 5 वर्ष में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण करने का दायित्व सरकारों का है। स्पष्ट है कि नया पुनरीक्षण वर्ष नवम्बर 2019 में देय हो गया। तदानुसार 15 नवम्बर 2019 को हुए न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की बैठक के अनुशंसा के आधार पर नया पुनरीक्षण किया गया। इससे सरकार ने वैधानिक रूप से 5 वर्ष की अवधि में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण तो कर दिया लेकिन इसे 01 अप्रैल 2024 से लागू किया। हमारी शुरू से ही यह मांग रही है कि इसे 01 नवंबर 2019 से लागू कर एरियर्स का भुगतान किया जाए। आपसे पुनः आग्रह है कि नवंबर 2019 से मार्च 2024 तक का वैधानिक रूप से देय राशि के एरियर्स का भुगतान सुनिश्चित किया जावे।(3) 06 फरवरी को सम्पन्न न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की बैठक में बोर्ड के अध्यक्षा के रूप में आपने स्पष्टतः कहा था कि न्यायालय में जारी इस कार्रवाई के समाप्त होते ही न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड की बैठक बुलाकर अक्टूबर 2024 से देय न्यूनतम वेतन के पुनरीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। चूंकि 10 फरवरी को इस कानूनी लड़ाई का समाधान इसलिए अब आपसे आग्रह है कि यथाशीघ्र नये पुनरीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ करें।
ज्ञापन का वाचन सीटू के महासचिव सुनील शर्मा ने किया। इस अवसर पर राजेश अहीर, नितिन मेहरा, दिलीप व्यास, पंकज बैरागी, नरेंद्र कमलवा, काजी नूरुल हसन, कपिल सैनी, रामप्रसाद शर्मा, ओमप्रकाश भट्ट, चिंटू मित्तल, अभिलेश टेलर बब्बू सिंह राठौड़, श्याम सिंह तोमर सहित कई शासकीय विभागों के आउटसोर्स एवं औद्योगिक क्षेत्र के मजदूर कर्मचारी उपस्थित थे।