इंदौर। शहर के प्रबुद्धजनों में मेट्रोपॉलिटन सिटी की योजना को लेकर नाराजगी है, क्योंकि शहर हित में उनकी राय नहीं ली जा रही है। इसे लेकर वे रविवार, 23 मार्च को सुबह 9: 30 बजे राजमोहल्ला चौराहा स्थित शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की प्रतिमा पर एकत्रित होंगे। वहां वे माल्यार्पण कर संकल्प लेंगे कि मास्टर प्लान में उनकी राय को प्राथमिकता दी जाए। यदि जनभागीदारी और जनाकांक्षाओं के अनुरूप मास्टर प्लान नहीं बनाया गया, तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
इसी विषय को लेकर दो दिन पहले इंदौर उत्थान अभियान और मालवा चौंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में संरक्षक दिनेश गुप्ता, अजित सिंह नारंग, श्रीनिवास कुटुंबले, अशोक कोठारी, पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा, विनय कालानी, पत्रकार कीर्ति राणा, ए.एस.आई.एस. पॉल, इंजीनियर वी.के. जैन, राजेश जैन, राजेंद्र दुआ, टीनू जैन, हरीश भाटिया, दीप्ति गौर, परमानंद चुग, परविंदर भाटिया, सतीश भल्ला, ओ.पी. नरेडा, रचना गुप्ता, एकता मेहता, श्याम यादव, हुकमचंद जैन, ईश्वर बाहेती, यशवर्धन सिंह, राजेश अग्रवाल, अजय सिंह नरुका सहित 60 से अधिक विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
सभी ने एकमत से कहा कि इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा देने की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन इसकी योजना और मास्टर प्लान कैसा होगा, इस पर शहर की चिंता करने वाले जागरूक नागरिकों को शामिल नहीं किया गया। उनकी राय क्यों नहीं ली जा रही है?
बैठक में तय निर्णय के अनुसार, आज वे संकल्प लेंगे कि इस योजना में सभी प्रबुद्धजनों की राय शामिल की जाए। यदि उन पर कोई योजना थोपी गई, तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगे।