शिवपुरी। हाल ही में भारतीय सेना द्वारा किए गए श्ऑपरेशन सिंदूरश् के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहीं भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिवपुरी कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार चौधरी ने एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए जिले की सीमाओं के भीतर सोशल मीडिया गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि 6 से 7 मई की रात हुई सैन्य कार्यवाही के बाद फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक मैसेज, वीडियो, फोटो और ऑडियो तेजी से फैलाए जा रहे हैं। इनसे समाज में सांप्रदायिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई गई है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाली पोस्ट, वीडियो या मैसेज को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति ऐसे संदेश प्रसारित, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा जो धार्मिक, जातिगत या सामाजिक भावनाओं को भड़काने वाले हों। ग्रुप एडमिन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके ग्रुप में इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री न फैले।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर आईटी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है, और इसकी जानकारी समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जा रही है। आदेश से असहमत व्यक्ति अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें।