भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री 15-16 जून तक हो सकती है। अनुमान के मुताबिक यह पूर्वी हिस्से से एंटर होगा। यानी, मंडला, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, अनूपपुर में सबसे ज्यादा बारिश होगी। एंट्री से अगले 5 दिन यानी, 20 जून तक मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।
भारतीय मौसम विभाग ने इस बार देश में मानसून की एंट्री 4 दिन पहले यानी, 27 मई तक होने का अनुमान लगाया है। इस हिसाब से 15 से 18 दिन में यह एमपी में एंटर हो जाएगा। प्रदेश में मानसून के आमद की सामान्य तारीख 15 जून है। हालांकि, पिछले कुछ सालों से यह 18 जून के बाद ही प्रदेश में एंटर हो रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, यदि देश में मानसून की आमद जल्दी होती है तो यह प्रदेश में भी समय पर आ सकता है।
पिछली बार 6 दिन देरी से एंट्री-
पिछले साल यानी 2024 में मानसून की 21 जून को एंट्री हुई थी। यह 6 दिन देरी से प्रदेश में पहुंचा था। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्यप्रदेश के पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में प्रवेश किया था। इस बार भी इन्हीं जिलों से मानसून के आने की संभावना है।
इस बार सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद-
प्रदेश में इस बार मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई है। अनुमान के मुताबिक, एमपी में 104 से 106ः यानी औसत 38-39 इंच बारिश हो सकती है। जबलपुर-शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा पानी गिरेगा, जबकि ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में भी कोटा फुल हो सकता है।
बता दें कि साल 2023 में प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, लेकिन पिछले साल भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 44 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई थी। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी अच्छा पानी गिरा था। अप्रैल में मौसम विभाग ने मानसून अपडेट जारी किया था। कहा गया कि जून से सितंबर तक मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा।