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May 17, 2025, 4:21 pm
KHABAR : सभी पशुपालक अपने पशुओं को लंपी स्किन डिसीज का टीकाकरण अवश्य करवायें, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने की अपील, पढ़े खबर 

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मंदसौर। पशुपालन एवं डेयरी उप संचालक ने बताया कि लंपी स्किन डिसीज पशुओं की एक वायरल जनित बीमारी है जो कि पॉक्स वायरस द्वारा पशुओं में फैलती है। यह बीमारी मच्छर, मक्खी एवं टिक्स आदि के काटने से एक पशु से दूसरे पशु मे फैलती है।

पशुओं में लक्षण - शुरूआत में दो से तीन दिन हल्का बुखार, पुरे शरीर की चमड़ी में गठाने (2-3 से.मी. गोल उभरी हुई ), पेरो में सुजन, दुध उत्पादन में कमी, गर्भपात, बांझपन से होती है। बीमारी में अधिकतर संक्रमित पषु 2-3 सप्ताह में ठीक हो जाते है। मृत्युदर 1-5 प्रतिशत है। वर्तमान में जिले में लंपी स्किन डिसीज का टीकाकरण किया जा रहा है। पशुपालको से निवेदन है कि अपने अपने पशुओं में टीकाकरण करवायें साथ ही निराश्रित पशुओं में स्थानीय प्रशासन की सहायता से टीकाकरण करवायें इसके साथ ही उपरोक्त शुरूआती लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क करें एवं सुरक्षा एवं बचाव के उपाय किया जाना सुनिश्चित करे। 

संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करना चाहिये। बीमारी फैलाने वाले मच्छर, मक्खी एवं टिक्स आदि के रोकथाम हेतु आवष्यक कदम उठाया जाना चाहिये। संक्रमित पशु का आवागमन प्रतिबंधित किया जाना चाहिये। पशुशाला, घर आदि जगह पर साफ सफाई, जीवाणु विषाणु नाषक रसायन जैसे फिनाईल, फोर्मेलिन एवं सोडियम हायपो क्लोराईड़ आदि से किया जाना चाहिये। एक पशुशाला के श्रमिक को दूसरी पशुशाला में नही जाना चाहिये। बीमारी के लक्षण दिखने वाले पशु का नही खरीदना चाहिये। पशुपालको को भी अपनी शरीर की साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिये। पशु की मृत्यु होने पर गहरा गढ्ढा खोदकर चुना एवं नमक डालकर शव निष्पादन किया जाना चाहिये। शव निष्पादन स्थल जल स्त्रोत एवं आबादी से दूर होना चाहिये।
 

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