इंदौर। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान में 2024-25 सीजन के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन 1154.30 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है। यह अब तक का सर्वाधिक उत्पादन होगा।
अमेरिकी कृषि विभाग ने इससे भी अधिक 1170 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है। यह वार्षिक मांग और खपत से अधिक है। इससे विदेशों से आयात की जरूरत लगभग खत्म हो गई है।
भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है। इस साल न केवल बोवनी क्षेत्र बढ़ा है, बल्कि अनुकूल मौसम से उपज दर में भी सुधार हुआ है। जलवायु रोधी और उच्च उत्पादकता वाले बीजों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई है।
फसल की कटाई-तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। खरीदी-बिक्री अभी जारी है। कृषि मंत्रालय उत्पादन के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है। तीसरे अग्रिम अनुमान में आंकड़ों में बदलाव की संभावना है।
रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने सरकार से गेहूं निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आग्रह किया है। दिसंबर-जनवरी में जब आपूर्ति कम थी, तब उद्योग ने आयात शुल्क में कटौती की मांग की थी। फेडरेशन के अनुसार, सरकारी गोदाम और प्राइवेट व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक है।
इधर, सरकार ने हाल ही में पीडीएस में घरेलू उपभोक्ताओं को 3 महीने के लिए गेहूं का कोटा जारी किया है, जिससे खुले बाजार में मांग नगण्य हो गई। इस वजह से गेहूं के दामों में गिरावट का रुख जा रहा है। पिछले 8 दिन में इंदौर में गेहूं के दाम करीब 50-100 रुपए प्रति क्विंटल तक टूट गए है।
इंदौर में इस समय गेहूं के दाम मिल क्वालिटी 2600-2625, पूर्णा 2650-2850, लोकवन 2725-2950, मालवराज पोषण 2650-2675, मालवराज एवरेज 2525-2550 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बताए गए।
इधर, मांग कमजोर रहने से मूंग दाल, मूंग मोगर और उड़द दाल में 100 रुपए की गिरावट रही। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहा। भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा। कंटेनर में डॉलर चना 42/44 11000, 44/46 10700, 50/52 9400, 58/60 8100 60/62 8000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव रहे।