देवास। महाराष्ट्र से इंदौर भेजी गई 42 टन शक्कर की खेप में अमानत में खयानत के मामले का औद्योगिक थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 438 बोरी (21.9 टन) शक्कर, तीन वाहन, फर्जी नंबर प्लेट, बोरी सिलने की मशीन और 4 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को बारामती एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र से इंदौर के पालदा स्थित गोदाम के लिए 840 बोरी (42 टन) शक्कर ट्रक से भेजी गई थी। निर्धारित स्थान पर शक्कर नहीं पहुंचने और चालक का मोबाइल बंद मिलने के बाद औद्योगिक क्षेत्र थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह वर्धमान और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और साइबर तकनीक की मदद से ट्रक की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रक की नंबर प्लेट बदलकर उसकी पहचान छिपाने का प्रयास किया था।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम मध्य प्रदेश से होते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंची और 12 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए अनुज सिंह, गोविंद औमर और विशाल साहू को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर 438 बोरी शक्कर, तीन वाहन, फर्जी नंबर प्लेट और 4 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। मामले में मुख्य सरगना के रूप में उपेंद्र भदौरिया का नाम सामने आया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
देवास से ब्यूरो चीफ अभिषेक सोनी की रिपोर्ट